देश और दुनियां में सु​र्खियों में रही सिलक्यारा-बड़कोट टनल का सीएम और राज्य मंत्री की मौजूदगी में हुआ ब्रेकथ्रू

by | Apr 16, 2025 | अल्मोड़ा, उत्तरकाशी, उत्तराखंड, राज्य, समाचार

– करोड़ लागत की इस परियोजना से गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के बीच की दूरी 26 किमी होगी कम।

12 नवंबर 2023 में सिलक्यारा सुरंग निर्माण के दौरान 41 श्रमिक 17 दिनों तक भीतर फंस गये थे।

उत्तरकाशी।

प्रदेश की सबसे लंबी और देश- दुनियां में सु​र्खियों में रही सिलक्यार-बड़कोट टनल का सीएम और राज्य मंत्री के मौजूदगी में ब्रेकथ्रू हुआ। सिलक्यारा टनल में 12 नवंबर 2023 की सुबह अचानक मलबा गिरने से 41 मजदूर फंस गए थे। देश और दुनिया में 17 दिनों तक टनल में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए दुनियाभर के कई एक्सपर्टस को रेस्क्यू अभियान में शामिल किया गया।

ऑस्ट्रेलिया के टनल विशेषज्ञ अर्नोल्डडिक्स के नेतृत्व में ओगर मशीन से टनल के अंदर रेस्क्यू अभियान चलाया गया,लेकिन टनल में फंसे मजदूरों को निकालने में सफलता नहीं मिल पाई, रेस्क्यू अभियान के 16 वें दिन दिल्ली से पहुंचे 7 रेट होल माइनर्स ने टनल के अंदर रेस्क्यू अभियान शुरू किया और 17 वें दिन टनल में फंसे 41 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला,

लेकिन उसके बाद टनल के अंदर पसरा 60 मीटर हटाना निर्माण कंपनी एनएचआईडीसीएल के लिए चुनौती बन गया, मलबा गिरने के बाद करीब एक माह तक टनल के अंदर निर्माण कार्य बंद रहा,निर्माण शुरू होने के बाद कंपनी ने टनल के अंदर 60 मीटर हिस्से में फैले मलबे को आधुनिक मशीनों की मदद से हटाया, साथ ही सुरंग को ब्रेकथ्रू करने के साथ-साथ स्केप टनल भी बनाई गई, ताकि टनल के अंदर पूर्व की तरह मलबा गिरने पर मजदूरों को स्केप टनल से बाहर निकाला जा सके।

सिलक्यारा सुरंग चारधाम यात्रा की दृष्टि से महत्वपूर्ण परियोजना है। सुरंग निर्माण से गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के बीच की दूरी 25 किलोमीटर तक कम हो जाएगी, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधा और समय की बचत होगी। इस परियोजना के पूर्ण होने से क्षेत्र में व्यापार, पर्यटन और रोजगार की संभावनाओं में वृद्धि होगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सिलक्यारा टनल ब्रेकथ्रू के अवसर पर परियोजना से जुड़े सभी इंजीनियरों, तकनीकी विशेषज्ञों, श्रमिकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक अवसर न केवल उन्नत इंजीनियरिंग की सफलता का प्रतीक है, बल्कि आस्था और समर्पण की शक्ति का जीवंत उदाहरण भी है। उन्होंने कहा कि सिलक्यारा टनल अभियान दुनिया का सबसे जटिल और लंबा रेस्क्यू ऑपरेशन था। इससे जुड़े प्रत्येक व्यक्ति ने मानवता और टीम वर्क की एक अद्भुत मिसाल कायम की। यह घटना तकनीकी और मानवीय संकल्प की वास्तविक परीक्षा थी, सभी ने एकजुट होकर इस अभियान को सफल बनाया। उन्होंने समस्त रेस्क्यू टीम, रैट माइनर्स, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सहयोगी संस्थाओं का भी इस अभियान को सफल बनाने में आभार व्यक्त किया।

बाबा बौखनाग के नव निर्मित मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा

उत्तरकाशी।

सिलक्यारा-बड़कोट टन का ब्रेकथ्रो होने के साथ साथ बुधवार क्षेत्र के आराध्य बौखनाग देवता नव निर्मित मंदिर की सीएम पुष्कर सिंह धामी व केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा ने विशेष पूजा-अर्चना के साथ प्राण प्रतिष्ठा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि टनल निर्माण के दौरान 12 नवम्बर को अचानक हुए भूस्खलन में 41 श्रमिक इस सुरंग में फँस गए थे। उस समय देशभर से लोग इन श्रमिकों की कुशलता के लिए ईश्वर से प्रार्थना कर रहे थे। उस अंधेरी सुरंग में, जहाँ उम्मीद की किरणें भी धूमिल हो रही थी, वहीं बाबा बौखनाग ने पहाड़ों के रक्षक के रूप में शक्ति और विश्वास का संचार किया।

0 Comments

Submit a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!