उत्तरकाशी।
जिला मुख्यालय स्थित प्राचीन गोपेश्वर मंदिर में शुक्रवार को शिवमहापुराण कथा का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। सावन मास के पावन अवसर पर आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। नगर क्षेत्र पूरी तरह भक्तिमय माहौल में सराबोर नजर आया।

शुभारंभ मौके पर बाड़ाहाट पट्टी के आराध्य कंडार देवता की अगुवाई में भव्य कलश यात्रा निकाली गई। यात्रा गोपेश्वर मंदिर से प्रारंभ होकर मणिकर्णिका घाट पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से भागीरथी नदी का पूजन कर कलशों में पवित्र जल भरा। इसके बाद कलश यात्रा बस अड्डा और भटवाड़ी रोड होते हुए कथा पंडाल पहुंची। यहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलश स्थापना कर विशेष पूजा-अर्चना संपन्न हुई।
कथा के प्रथम दिवस व्यासपीठ से शास्त्री महामाया प्रसाद ने शिवमहापुराण का महात्म्य बताते हुए कहा कि भगवान शिव की महिमा अनंत है और सावन माह में श्रद्धापूर्वक शिवमहापुराण कथा का श्रवण करने से अनेक जन्मों के पाप नष्ट होकर पुण्य की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि शिव कथा व्यक्ति के जीवन में आध्यात्मिक ऊर्जा, सकारात्मकता और आत्मिक शांति का संचार करती है। कहा कि भगवान शिव की कृपा से जीवन के कष्ट दूर होते हैं।

वहीं, मंडपाचार्य दिवाकर प्रसाद नैथानी ने बताया कि जनपद की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना के साथ गोपेश्वर मंदिर में 11 दिनों तक शिवमहापुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन कथा, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन होगा, जिसमें श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल होकर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।
कार्यक्रम में पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष रमेश सेमवाल, सभासद देवेंद्र चौहान, विष्णुपाल रावत, डॉ. चंडी प्रसाद भट्ट,आशीष बिजल्वाण सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। इस दौरान पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर और कथा पंडाल में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का वातावरण बना रहा।


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