स्वतंत्रता पूर्व भारत में विधिक व्यवस्था: ब्रिटिश शासन का प्रभाव

स्वतंत्रता पूर्व भारत में विधिक व्यवस्था: ब्रिटिश शासन का प्रभाव

भारत में स्वतंत्रता से पूर्व की विधिक व्यवस्था एक जटिल और बहुस्तरीय संरचना थी। सदियों से विकसित हुए विभिन्न कानूनी परंपराओं का मिश्रण देखने को मिला, जिसमें हिंदू धर्मशास्त्र, इस्लामी कानून (शरिया), और स्थानीय प्रथाएं शामिल थीं। ब्रिटिश शासन के आगमन ने इस विविधता को...
भारत में स्वतंत्रता के बाद का विधिक इतिहास: परिवर्तन और चुनौतियां

भारत में स्वतंत्रता के बाद का विधिक इतिहास: परिवर्तन और चुनौतियां

भारत की स्वतंत्रता के बाद से, देश ने अपने विधिक ढांचे में महत्वपूर्ण परिवर्तन देखे हैं। ब्रिटिश शासन की विरासत से छुटकारा पाते हुए, भारत ने एक स्वतंत्र और समावेशी न्यायिक प्रणाली विकसित करने का प्रयास किया है। कुछ प्रमुख घटनाक्रम: संविधान का निर्माण: 1950 में लागू हुए...
अमेरिकी विदेश नीति: वैश्विक प्रभाव और चुनौतियां

अमेरिकी विदेश नीति: वैश्विक प्रभाव और चुनौतियां

विश्व शक्ति के रूप में अमेरिका की भूमिका संयुक्त राज्य अमेरिका द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से एक प्रमुख विश्व शक्ति के रूप में उभरा है। अमेरिकी विदेश नीति का लक्ष्य वैश्विक शांति और सुरक्षा को बढ़ावा देना, लोकतंत्र और मानवाधिकारों को बढ़ावा देना, तथा आर्थिक समृद्धि को...
भारत की विदेश नीति: संतुलन और सहयोग

भारत की विदेश नीति: संतुलन और सहयोग

विश्व मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका भारत की विदेश नीति “सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः” के दर्शन पर आधारित है, जिसका अर्थ है “सभी सुखी हों, सभी निरोगी हों”। स्वतंत्रता के बाद से, भारत ने एक स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र के रूप में अपनी...
सड़क दुर्घटनाएं: भारत की काली दास्तान

सड़क दुर्घटनाएं: भारत की काली दास्तान

भारत में सड़क दुर्घटनाएं एक गंभीर समस्या बन गई हैं। हर साल हजारों लोग सड़क दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवाते हैं और लाखों लोग घायल हो जाते हैं। लापरवाही से वाहन चलाना, ओवरस्पीडिंग, शराब पीकर गाड़ी चलाना, सड़कों की खराब स्थिति और यातायात नियमों का उल्लंघन जैसे कारणों से...
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